कबीर परमेश्वर जी के चमत्कार
#DivinePlay_Of_GodKabir दादू जी का उद्धार सात वर्ष की आयु के दादू जी को परमात्मा कबीर जी जिंदा महात्मा के रूप में मिले व ज्ञान समझाया और सतलोक दिखाया। इसलिए परमात्मा कबीर जी की महिमा गाते हुए दादू जी कहते हैं :- जिन मोकूं निज नाम दिया, सोई सतगुरु हमार । दादू दूसरा कोई नहीं, कबीर सिरजनहार ।। #3DaysLeft_KabirPrakatDiwas https://bit.ly/2MoiCrW #3DaysLeft_KabirPrakatDiwas https://bit.ly/2MoiCrW कबीर परमेश्वर जब नीरू नीमा को बालक रूप में मिले तब उससे पूर्व दोनों जने (पति-पत्नी) मिलकर कपड़ा बुनते थे। 25 दिन बच्चे की चिन्ता में कपड़ा बुनने का कोई कार्य न कर सके। जिस कारण से कुछ कर्ज नीरू को हो गया। फिर कबीर जी ने कहा कि आप चिंतित न हों, आपको प्रतिदिन एक सोने की मोहर (दस ग्राम स्वर्ण) पालने के बिछौने के नीचे मिलेगी। आप अपना कर्ज उतार कर अपना तथा गऊ का खर्च निकाल कर शेष बचे धन को धर्म कर्म में लगाना। उस दिन के पश्चात् दस ग्राम स्वर्ण प्रतिदिन नीरू के घर परमेश्वर कबीर जी की कृपा से मिलने लगा।